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लोकनायक जयप्रकाश नारायण

लोकनायक, छात्र राजनीति के पुरोधा, केंद्रीय सत्ता को बदल देने वाले महान समाजवादी और दूरदर्शी पूर्वांचल के रत्न जयप्रकाश नारायण जी की को नमन... चाहे राज्य सरकार हो या केंद्र सरकार सबने इस व्यक्तित्व को बहुत कम आंका है और बहुत कम महत्व दिया है। इसका हमें खेद है।  यह व्यक्तित्व सरदार पटेल और अन्य बड़े सेनानियों के बराबर सम्मान का हकदार है। इनके नाम पर सारण प्रमंडल में स्थापित विश्वविद्यालय अपनी दुर्दशा पर रो रहा है पर दोनो सरकारों ने कभी इसकी हालत सुधारने की चेष्टा भी नही की। आशा है आने वाले समय में इस नाम का खूब यश फैलेगा आज इनको याद करने और इनके व्यक्तित्व को जानने का दिन है इस लिंक से जानिए इस महानायक के बारे में 👇👇👇 लोकनायक जयप्रकाश नारायण संक्षिप्त जीवन परिचय लेखक परिचय:- शिक्षक अमित गौतम, गोपालगंज। Double MA (HINDI, EDUCATION) NET Qualified. पिछले एक दशक से स्टूडेंट्स गाइडेंस एवं काउंसलिंग को समर्पित 7033151599

नोबल प्राइज वाली कविता

*नोबेल पुरस्कार विजेता ब्राजीली कवियत्री  मार्था मेरिडोस की कविता "You Start Dying Slowly" का हिन्दी अनुवाद..* 1) *आप धीरे-धीरे मरने लगते हैं, अगर आप :* - करते नहीं कोई यात्रा, - पढ़ते नहीं कोई किताब, - सुनते नहीं जीवन की ध्वनियाँ, - करते नहीं किसी की तारीफ़। 2) *आप धीरे-धीरे मरने लगते हैं, जब आप:* - मार डालते हैं अपना स्वाभिमान, - नहीं करने देते मदद अपनी और न ही करते हैं मदद दूसरों की। 3) *आप धीरे-धीरे मरने लगते हैं, अगर आप:* - बन जाते हैं गुलाम अपनी आदतों के,  - चलते हैं रोज़ उन्हीं रोज़ वाले रास्तों पे, - नहीं बदलते हैं अपना दैनिक नियम व्यवहार, - नहीं पहनते हैं अलग-अलग रंग, या - आप नहीं बात करते उनसे जो हैं अजनबी अनजान। 4) *आप धीरे-धीरे मरने लगते हैं, अगर आप:* - नहीं महसूस करना चाहते आवेगों को, और उनसे जुड़ी अशांत भावनाओं को, वे जिनसे नम होती हों आपकी आँखें, और करती हों तेज़ आपकी धड़कनों को। 5) *आप धीरे-धीरे मरने लगते हैं, अगर आप:* - नहीं बदल सकते हों अपनी ज़िन्दगी को, जब हों आप असंतुष्ट अपने काम और परिणाम से, - अग़र आप अनिश्चित के लिए नहीं छोड़ सकते हों निश्चित को, - अगर आप नहीं कर...