बहुत याद आओगे तुम
वैसे तो तुमसे मेरा नाता 15 साल पुराना है जब पहली बार हम दोनों आमने सामने हुये थे।
वो दिन मुझे आज भी याद आता है जब तुमने मुझे पहली बार अपने आगोश में लिया था।
डेढ़ साल लगातार तुम्हारे आँचल के छांव में रहने के बाद हम जुदा हुए थे, तबसे लेकर आजतक हमेशा आना जाना हुआ तुम्हारे यहां
कभी एक घण्टे के लिए, कभी एक दिन के लिए, इसबार पूरे एक हफ्ते के लिए तुम्हारे पास आये थे।
पहले जब आते थे तो खुलकर नही जी पाते थे तुम्हारे साथ, क्योंकि तब तजुर्बा भी कम था और जेब भी छोटी पड़ जाती थी।
इसबार जब आये तो लगा ही नही की अपने घर से दूर है।
लगा बस अपनों के पास है। बहुत सारे शॉपिंग किये, बहुत एन्जॉय किये।
कभी पटना का सबसे ऊंचा बिल्डिंग हुआ करता था बिस्कोमॉन भवन, मन करता था इसपे चढ़कर तुम्हारा दीदार करू, वक्त ने क्या हसीं सितम किया कि पूरे 6 दिन इसी बिल्डिंग के 12वें तले पर गुजारा, जहां की बालकनी से तुम्हारा गौरव गांधी मैदान का मनोहर दृश्य आंखों में भर भर के रखा।
पर तुम उदास न होना, फिर आना है तीन महीने बाद और वो भी पूरे महीने भर के लिए।
तबतक के लिए विदा पटना
Bahut khoob...
जवाब देंहटाएंNice lines
जवाब देंहटाएंThanks a lot
जवाब देंहटाएंBhut khub 😗
जवाब देंहटाएंVery nice bro
जवाब देंहटाएंLife is hard but not impossible
जवाब देंहटाएंNice sir
जवाब देंहटाएंKya bichar dhara hai sir
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