साल 2013 की बात है, मैं मेकेनिकल से डिप्लोमा कर चुका था और 2011 कि TET में भी 99 नम्बर लाकर क्वालिफाइड हो चुका था।
मुझे टीचर के जॉब लगने का इंतजार था, कोचिंग चल रहा था, अचानक एक दिन मां ने कहा कि कबतक ऐसा चलेगा, जाओ जाकर बाहर कमाओ...
निठल्ले बैठे हो... बस बात लग गयी।
रात को 8 बजे बैग में कपड़े रखा, 200 रुपये थे बस पास में, बड़े भैया को बोला कि स्टेशन छोड़ आओ..
जाने लगा तो माँ, भैया, सबने मना किया कि जाना है तो आराम से जाना।
लेकिन मन में हो गया था कि निकल जाना है... थावे स्टेशन से ट्रेन पकड़ कर पटना पहुंच गए।
वँहा बोरिंग रोड, पहुंचे सीधे सुबह में.. गोपालगंज के ही शिवजी अंकल के बेटे राहुल भैया तब कृष्णा अपार्टमेंट में PATNA ALLEN CLASSES नाम से NEET और JEE की कोचिंग चला रहे थे, वंही उसी दिन काउंसलर के काम में लग गए... दो दिन राहुल भैया के घर (शिवपुरी इलाका शायद) रहा.. अगले दिन कोचिंग वाले हॉस्टल में शिफ्ट हो गया।
फिर बाद में एक बैंकिंग की तैयारी कराने वाले इंस्टिट्यूट (भारती क्लासेस:- AN COLLEGE के ऑपोजिट) में जॉइन किया।
रात में इंस्टीट्यूट के ऑफिस में ही सो जाता था, सुबह स्टूडेंट्स के आने से पहले नहा धोकर रेडी.. रीजनिंग और कम्प्टेटिव इंग्लिश तो क्लासरूम के बाहर रिसेप्शन पर बैठकर सीखा.. और IBPS RRB का एग्जाम भी क्रैक किया, (पर मन टीचिंग में ही लगता था सो टीचर वाले जॉब में ही जॉइन किये)
रात को आम खरीद लाता था और रोटी और मजे से खाता था।
दिन में AN कॉलेज के कैंटीन में जाकर खाता था। बस उस 200 रुपये के बल पर 6 महीने रहा पटना में..
फिर 2013 के नवम्बर में वेस्ट बंगाल के शाहगंज में रहा मौसाजी के यहां...
जनवरी 2014 में घर लौट आया, सासामुसा में कोचिंग जॉइन कर ली अपनी।
10 फरवरी 2014 को कोचिंग में एक क्लास लेकर घर आया और एक बड़े भैया के बाइक से गया था टीचर बहाली कैम्प में और उसी दिन जॉइनिंग हो गई मेरी..
Very nice
जवाब देंहटाएंI am waiting next....
Nice , brave sir !
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