सिवान से बरौनी स्पेशल में बैठे हुए हैं, पूरब की तरफ जा रहे हैं।
विंडो सीट के पास बैठे है, विचारों का झोंका आ रहा है रह-रहकर...
कुछ बातें घूम रही है मन में..
ये कैसी घड़ी आई है..
मिलन है.. जुदाई है..
जीवन एक ऐसी पहेली है जिसे विद्वानों ने बहुत कोशिश की अपने तर्क, विचार, कविता, कहानी, शायरी से परिभाषित करने की..
पर यह आज भी अबूझ है।
जिंदगी के मायने सबके लिए अलग होते है।
जीवन में एक ही समय पर सुख और दुःख दोनों मौजूद रहते हैं।
एक छात्र जब घर से पढ़ने के लिए बाहर निकलता है तो उसे परिवार से बिछड़ने का दुख होता है तो बाहरी दुनिया, खुले जीवन का सुख भी मिलता है।
उसके माता पिता को भी उसके जाने का दुःख होता है पर उनके आंखों में अपने लाडले के भावी सफल भविष्य के लिए सपने होते है और वही सपना उस समय सुख भी देता है।
एक लड़की जब शादी के बाद घर से निकलती है तो उसे मां-बाप, भाई-बहन सबसे बिछड़ने का बहुत दुःख होता है पर जीवनसाथी के मिलने..
नए घर की दुलारी होने, मालकिन बनने का सुख भी जुड़ा रहता है...
उसे एक नई जगह, नया आकाश मिलता है.. जहां वह अपने तौर तरीकों से सबकुछ मैनेज कर सकती है और अपना मैनेजमेंट का गुण दिखा सकती है।
वास्तव में घर को मैनेज कर लेना दुनिया का सबसे बड़ा मैनेजमेंट है.. क्योंकि घर में नुकसान जो होता है वो व्यक्तिगत होता है।
आप कम्पनी मैनेज कर रहे हैं.. कम्पनी घाटे में चली गई..आपका जॉब जाएगा.. आप दूसरी पकड़ लोगे।
लेकिन घर के संबंधों के नुकसान की भरपाई आप नही कर सकते, घर के रिश्तों को आप फिर से नही बना सकते।
फिर भी जीवन में परिवर्तन होते रहना चाहिए..
कहा गया है बहता जल निर्मला..
मतलब जो पानी बहती अवस्था में हो,साफ और शुद्ध होता है, जबकि एक जगह जमे हुए पानी में सड़न होती है।
जीवन में भी कुछ कुछ ऐसा ही है.. खुद में बदलाव नही लाएंगे तो सड़ जाएंगे। बीमारियां पकड़ लेंगी। अनुपयोगी हो जाएंगे।
इसलिए सकारात्मक एवं सदुपयोगी बदलाव लाते रहिये।
🙂
जवाब देंहटाएंSir aap ja kaha rahe hai
जवाब देंहटाएंSir aap jaa raha rhe hai
जवाब देंहटाएंHappy journey
जवाब देंहटाएंGreat post sir ji.
जवाब देंहटाएंबहुत अच्छा सोच है
जवाब देंहटाएंTake care of yourself
जवाब देंहटाएंGajab sir🙏
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