दुनियां के हरेक काम से इंसान बोर हो जाता है, ऊब जाता है। मन भर जाता है, पर कुछ ऐसे काम है जिन्हें इंसान रोज करता है पर उबता नही...
जैसे रोज खाने कोई नही उबता, ना ही खाने की इच्छा खत्म होती है।
उसी तरह सोने से कोई इंसान के उबने की बात तो दूर... कभी नींद पूरी नही होती इसका भाव रहता है।
इंसान रोज रात को सोता है, कुछ लोग दिन में भी सो लेते है। फिर भी अगली रात, अगले दिन सोते है।
एक तीसरा कार्य भी है जिससे इंसान नही उबता... वह कार्य है प्रेम करना...
जी हाँ.. इंसान रोज प्रेम करता है। कुछ लोग दिन में कई बार प्रेम करते है। पर फिर भी मन नही भरता..
तो ये तीन चीजें मुझे लग रही है कि नेचुरल टेंडेंसी है मनुष्य की... मतलब प्राकृतिक स्वभाव...
इसलिए तीनों कार्य से मन नही भरता..
कोई चौथा कार्य हो ऐसा जिनसे इंसानों का मन नही भरता तो हमें भी बताएं
अमित गौतम, गोपालगंज से
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